वाराणसी। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र में मजदूर-किसान महिलाओं एवं बच्चों ने इसे एक पारंपरिक त्योहार की तरह हर्ष, उल्लास और देशभक्ति के साथ मनाया। इस अवसर पर वाराणसी जनमित्र न्यास, मानवाधिकार जननिगरानी समिति एवं आशा ट्रस्ट, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में एक प्रेरणादायक सामाजिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम बघवानाला स्थित राजा सुहेलदेव जनमित्र शिक्षण केंद्र विद्यालय में आयोजित हुआ, जिसमें भारतीय मूल की स्वीडन निवासी समाजसेवी सुश्री पारुल शर्मा, राजदुलारी फाउंडेशन के सहयोग से बच्चों को निःशुल्क शैक्षिक सामग्री वितरित की गई। इस दौरान कुल 35 बच्चों को स्कूल बैग, कॉपियाँ, पेंसिल, रबर, कटर सहित अन्य आवश्यक शैक्षिक सामग्री प्रदान की गई। शैक्षिक सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी, उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से झलकता नजर आया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गरीब एवं वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना तथा उनकी पढ़ाई में आने वाली आर्थिक बाधाओं को दूर करना था। इस अवसर पर संस्था की मैनेजिंग ट्रस्टी श्रुति नागवंशी ने अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम है। यदि बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए जाएँ, तो वे अपने भविष्य को बेहतर दिशा दे सकते हैं। यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे।”
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने देशभक्ति गीतों एवं नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम को अत्यंत प्रेरणादायक बना दिया। वहीं संस्था के कार्यकर्ता आनंद निषाद ने बच्चों को गणतंत्र दिवस का महत्व, भारतीय संविधान, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी सरल एवं प्रभावी तरीके से दी, जिससे बच्चों में राष्ट्रीय चेतना एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित हो सके।
कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय अभिभावकों एवं संस्था के कार्यकर्ताओं ने इस शैक्षिक पहल की सराहना की तथा दानकर्ता पारुल शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण, सकारात्मक एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इसी क्रम में जनमित्र न्यास एवं शिक्षा प्लस वयस्क साक्षरता कार्यक्रम की पहल पर पहली बार ग्रामीण महिलाओं ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने गांव में प्रभात फेरी निकालकर उत्सव मनाया। महिलाओं ने पूरे गांव में घूमकर “गणतंत्र दिवस जिंदाबाद”, “देश के शहीद जवान अमर रहें” जैसे नारों से वातावरण को देशभक्ति से ओत-प्रोत कर दिया।
जीवन की दूसरी पारी में सीखने का सफर तय कर रहीं इन महिलाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पहली बार गणतंत्र दिवस मनाने की खुशी उन्होंने “पढ़ेगा भारत, बढ़ेगा भारत”, “हर उम्र में पढ़ाई, यही है सच्ची आज़ादी” जैसे नारों के माध्यम से जाहिर की। यह आयोजन न केवल राष्ट्रीय पर्व का उत्सव था, बल्कि शिक्षा, समानता और सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण भी बना।
ग्रामीण मजदूर-किसान महिलाओं एवं बच्चों ने परंपरागत उत्साह के साथ मनाया गणतंत्र दिवस।
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