महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के अंग्रेजी विभाग के सहायक आचार्य ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय एवं जनपद का नाम रोशन किया है। ग्राम भार, जिला मऊ के मूल निवासी उक्त शिक्षक ने बाली (इंडोनेशिया) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोधपत्र प्रस्तुत किया।
सम्मेलन का विषय “Women’s Political Empowerment and Leadership in India – From Grassroots to Governance” रहा, जिसमें भारत में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की यात्रा—ग्राम पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर के शासन तक—पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अपने शोधपत्र में उन्होंने भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी, पंचायती राज व्यवस्था में 33% आरक्षण की भूमिका तथा जमीनी स्तर पर नेतृत्व के विकास की प्रक्रिया का विश्लेषण प्रस्तुत किया।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि ग्रामीण भारत में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी न केवल स्थानीय प्रशासन को सुदृढ़ कर रही है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उनके शोध में यह रेखांकित किया गया कि शिक्षा, जागरूकता और संवैधानिक प्रावधानों के माध्यम से महिलाएं निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में प्रभावशाली भूमिका निभा रही हैं।
सम्मेलन में विभिन्न देशों के विद्वानों एवं शोधार्थियों ने भाग लिया, जहां भारतीय परिप्रेक्ष्य में महिला नेतृत्व पर प्रस्तुत उनके शोध को विशेष सराहना मिली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती में महिलाओं की भागीदारी एक सकारात्मक संकेत है और आने वाले समय में यह नेतृत्व और अधिक सशक्त रूप में उभरेगा।
“मऊ के बेटे ने बाली में बढ़ाया देश का मान: महिला राजनीतिक सशक्तिकरण पर अंतरराष्ट्रीय मंच से रखे विचार”वाराणसी।
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