भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), नई दिल्ली द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रतिष्ठित पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप (PDF) 2025 का चयन डॉ. पीयूष चौबे के लिए होना न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह उनके परिवार, जनपद बलिया, काशी क्षेत्र और पूरे पूर्वांचल के लिए गर्व का विषय है। डॉ. पीयूष चौबे, श्री हरि भगवान चौबे के सुपुत्र हैं और बलिया के निवासी हैं। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी से फ्रेंच साहित्य में पीएचडी उपाधि प्राप्त की हैं तथा पोस्ट डॉक्टोरल फैलोशिप के अंतर्गत भी वह बी एच यू में ही अपना रिसर्च कार्य पूरा करेंगे। आईसीएसएसआर पीडीएफ फेलोशिप देश की सबसे प्रतिस्पर्धी और प्रतिष्ठित शोधवृत्तियों में से एक मानी जाती है। इस फेलोशिप का उद्देश्य उत्कृष्ट युवा शोधकर्ताओं को स्वतंत्र और नवाचारी अनुसंधान के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि सामाजिक विज्ञान और मानविकी के क्षेत्र में भारतीय दृष्टिकोण को वैश्विक स्तर पर सुदृढ़ किया जा सके। बलिया जैसे क्षेत्र से निकलकर काशी और फिर वैश्विक अकादमिक मंच तक पहुँचना यह दर्शाता है कि लगन, अनुशासन और निरंतर अध्ययन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। क्षेत्रीय शिक्षाविदों, सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने डॉ. चौबे को इस उपलब्धि पर बधाई दी है और आशा व्यक्त की है कि उनका शोध भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक संवाद में और अधिक सशक्त रूप से प्रस्तुत करेगा।
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